जूली आंटी के बूब्स को दबा कर मजा किया
जूली आंटी के ढाबे पर में खाना खाता था. शाम को मेरे पास करने को कुछ होता नहीं था. तो बहुत देर तक उन के ढाबे पर ही बैठा रहता था. इंजीनियरिंग कर रहा था. तो अपने
जूली आंटी के ढाबे पर में खाना खाता था. शाम को मेरे पास करने को कुछ होता नहीं था. तो बहुत देर तक उन के ढाबे पर ही बैठा रहता था. इंजीनियरिंग कर रहा था. तो अपने
बहुत पुरानी बात है. अब तो उस बात को ४० साल से भी ऊपर हो चुके है. तब ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी. लोगो को बहुत कुछ इनफार्मेशन भी नहीं होती थी. में अपने गाँव से बहार जा
रेखा २७ साल की थी. एकदम पट्खा माल थी साली. मेरे दिल क्या लुंड भी फडकता था उस के लिए. जब भी उसको देखता था
क्या मस्त माहौल हो गया था. जब सारी लड़किया टूट पड़ी थी उस के ऊपर. रोमी नाम था उसका. विदेशी था वो. लेकिन