देसी भाभी का देसी बदन
गांव में अकसर सारी औरतें या तो भाभी होती या माँ के बराबर वाली आंटी. ऐसी ही एक भाभी थी मेरे गांव में. उनके पति उनको छोड़ कर विदेश में नौकरी करने चले गये थे. २ से
गांव में अकसर सारी औरतें या तो भाभी होती या माँ के बराबर वाली आंटी. ऐसी ही एक भाभी थी मेरे गांव में. उनके पति उनको छोड़ कर विदेश में नौकरी करने चले गये थे. २ से
रवीना भाभी के पास पैसे तो बहुत थे. लेकिन उनके जिस्म की हवस को बुझाने के लिए कोई नहीं था. उनके पति उनको प्यार तो बहुत करते थे
भाई और भाभी बहुत सालो के बाद घर में वापस शिफ्ट हुए थे. भाई की जॉब शुरू से ही बहार थी और शादी के बाद ही वो दोनों चले गए थे. भाभी और भाई कभी – कभार ही आते
सविता भाभी हम लोगो के ऑफिस में थी. लाला जी
ममता भाभी मेरी पड़ोसन है. मुंबई में अकेले ही रहता हु. कंपनी ने मुझे सोसाइटी में एक फ्लैट दिया हुआ था. उस बिल्डिंग में मेरी ही कंपनी के चाफ लोग रथे है. ममता भाभी में
बात आज से कुछ डेढ़ साल पहले की हैं. तब मैं सिर्फ १८ साल का था और भाभियों और ौंतीस के साथ सेक्स करने के लिए बड़ा बेताब रहता था. और यह सली उम्र होती ही ऐसी है की
हम लोगो के यहाँ से एक कृषणन करके बन्दा आया था ऑफिस में. साउथ इंडियन था. एक दम काला.. हम उम्मीद थी