पारी की ठरक इतनी बढ़ चुकी थी. की उसको लड़कों और मर्दों में सिर्फ लुंड ही नजर आते थे. वो सबको सडके करने किओ कोशिश करती थी. अगर कोई पैट जाता था. तो वहीं प्लेस का जुगा

पारी की ठरक इतनी बढ़ चुकी थी. की उसको लड़कों और मर्दों में सिर्फ लुंड ही नजर आते थे. वो सबको सडके करने किओ कोशिश करती थी. अगर कोई पैट जाता था. तो वहीं प्लेस का जुगा
