कजिन के बूब्स को देख कर मस्ती की
मेरे चाचा गावं में रहते थे. हम लोगो शहर में शिफ्ट हो गए थे पापा की जॉब के चक्कर में. लेकिन
मेरे चाचा गावं में रहते थे. हम लोगो शहर में शिफ्ट हो गए थे पापा की जॉब के चक्कर में. लेकिन
मैंने इंजीनियरिंग में बैंगलोर के कॉलेज में एडमिशन लिया था. हॉस्टल बहुत महंगा पड़ रहा था. इसलिए कॉलेज के बिलकुल पास में ही
कजिन थी वो मेरी. शीना नाम था उसका. में उस से ६ साल बड़ा था. उसका १८वा जनमदिन मां ने बड़े ही जोश से मनाया था. हम सबको बुलाया था. हम सब गए और पूरी रात पार्टी का
में अपनी नानी के यहाँ पर रह कर उस समय अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था. नाना और नानी ही रहते थे घर में और में अब उन के साथ रहने लगा गया था. दिवाली की छुट्टियों
भाई अमेरिका गए थे जॉब करने. वही शादी भी कर ली. हम सब ने उनको सिर्फ स्क्य्पे पर ही देखा था और उन से बातें की थी. लेकिन
स्नेहा दीदी हम लोगो के पड़ोस में रहती थी. उनके पापा का ट्रांसफर हो गया था. इसलिए वो अपनी मम्मी के साथ और भाई के साथ रह रही थी. उनका घर हम लोगो के बगल में थे. सचो