आओ मेरी गांड की खुजली मिटाओ
अनुपमा आंटी की गांड में भी अब तो खुजली होने लगी है. उनके हस्बैंड कैलाश ने तो दुबई जेक जैसे मुद के ही नहीं देखा. कैलाश को दुबई गए अब २ साल हो गए है और आंटी की
अनुपमा आंटी की गांड में भी अब तो खुजली होने लगी है. उनके हस्बैंड कैलाश ने तो दुबई जेक जैसे मुद के ही नहीं देखा. कैलाश को दुबई गए अब २ साल हो गए है और आंटी की
आंटी की चूत के बल देख के किसी का भी लंड खड़ा हो जायेगा. आंटी ने जब अपनी टाँगे खोल के अपना भोसडा दिखाया तो मैं भी दंग रह गया. आंटी ने शायद एक साल से अपनी जहां
जब आंटी ने अपनी काली चुत खोल के दिखाई तो मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया. आंटी की छूट तो सच में लाजवाब थी. पहले भी मैंने आंटी को पीला था लेकिन ऐसे भोसडा खोल के नहीं
मेरा खड़ा लंड देख के पड़ोस की निशा आंटी को भी अपनी जवानी याद आ गई. उन्होंने ब्रा को फेंक के अपने बूब्स मुझे दिखाए. और फिर बिना मेरे कहे ही अपनी पंतय को भी खोने लगी.
आंटी ने साड़ी को अपने बूब्स के ऊपर रख के ढँक दिया. लेकिन अतुल के हाथ ने फट से दोनों बूब्स को खोल दिया. आंटी के बूब्स बड़े गोल और टाइट है जिन्हें दबाने का अतुल को बड़ा ही
मौसी ने अपनी डोउब्लेरोटी जैसी छूट और बन की जैसे गाँड को अपने भांजे के सामने रख के कहा
हमारी पडोसा आंटी सरिता वैसे तो विधवा है और समाज ने उसकी चूत पर जैसे ताला लगा दिया है. लेकिन सरिता आंटी वो लोगो में से नहीं है जो समाज की परवाह करते है. वो तो अब
प्यासी आंटी की चूत में फिर से पानी निकल पड़ा था. वो बहुत ही छुडासी हो गई थी और अपनी चूत में ऊँगली करने का मन बना चुकी थी. वो चुत को ऊँगली करने से पहले अपनी चूँचियो
सरोज आंटी मेरे पास एक लम्बे अरसे से छुड़वा रही है. आंटी का चुत नहीं भोसडा है. आंटी के भोसड़े का रंग काला हैं और वो बड़ी ही छुडासी औरत है. मैं जब भी उसे छोड़ने के